बिलासपुर अरविंद मिश्रा शिव तिवारी





आपको बता दें कि पारस पावर प्लांट की जनसुनवाई आज हुई है जिसमें फैक्ट्री प्रबंधन ने एक तरफा जनसुनवाई का जनादेश पारित करवाया था, जिसमें पारस कोल वाशरी के सारे कर्मचारी को जन सुनवाई का हिस्सा बना कर जन सुनवाई कराया गया अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं हुई,
वास्तविकता में जनसुनवाई ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि ग्रामीण में से कोई उपस्थित नहीं था और जनसुनवाई हो गई,
फैक्ट्री में कार्यरत सभी कर्मचारियों को जनसुनवाई में उपस्थित करा कर सभी को साक्षी बनाया गया किसी ने फैक्ट्री नहीं चाहिए नहीं कहा सब ने फैक्ट्री चाहिए कहा,
आप देख सकते है शासन के आंखों पर पट्टी बांध कर जनसुनवाई कराया गया, ग्रामीणों ने बताया कि जो फैक्ट्री से वास्तवीक मांग और गांव के हित में बात करते उन्हें वहां जाने भी नहीं दिया गया,
और मजेदार बात यह है कि पुलिस की छावनी होने के बाद भी फैक्ट्री ने 50बाउंसर रखा था ताकि कोई इधर उधर करे तो ठिकाने लगा दिया जाए ऐसी जनसुनवाई पारस पावर प्लांट के नेतृत्व में हुआ
शासन प्रशाशन सदैव जनता के हित में खड़ी रहती है लेकिन ऐसे उद्योग पति फैक्ट्री लगाने के नाम पर शासन से छलावा करते है
जिस मंजर में जनसुनवाई जो लंबे समय तक चलता है फैक्ट्री प्रबंधन के दबाव के कारण ग्रामीण जनप्रतिनिधि कोई नहीं पहुंचा अधिकारी अपना कार्य अच्छे से कर रहे थे लेकिन जो दबाव था ग्रामीणों के ऊपर बहुत ज्यादा जिससे ग्रामीण जनसुनवाई में नहीं पहुंच सके और जनसुनवाई सम्पन्न हो गया एक कहावत है जिसकी लाठी उसकी भैंस आज देखने को मिला
यहां तक फैक्ट्री प्रबंधन ने दवा से लेकर खाने नाश्ता सभी का व्यवस्था किया था अपने कर्मचारियों के लिए,
महीला ने कहा रोड नाली नल आदि का व्यवस्था नहीं है जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलना पड़ता है लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन फैक्ट्री लगाने तक आश्वाशन देता है फैक्ट्री लगाने के बाद भूल जाता है,









