Bilaspur arvind mishra shiv tiwari

BNI व्यापार एवं उद्योग मेले में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग.. शिकायत के बाद मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम.. मेले में दुकानदारों से लिया जा भारी भरकम किराया .! सुनिये दुकानदारों की मेले की हकीकत उनकी जुबानी .!!
डेस्क खबर बिलासपुर- शहर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में इन दिनों बीएनआई मेले का आयोजन किया जा रहा है जहां आयोजकों द्वारा बड़ी मात्रा में स्टॉल लगाएं गए है, मेले में घूमने आने वाले लोगों को खाने पीने के लिए मेले में तीन जगहों पर फूड स्टॉल की स्थापना की गई है लेकिन मेले में दुकान लगाने वाले लोगों द्वारा व्यावसायिक गैस सिलेंडर को छोड़ घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है, जिसे लेकर आयोजन मंडल को जानकारी न होने की बात कहीं जा रही है, दरअसल सरकार द्वारा जनता को घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलेंडर सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराया जाता है इस लिए लाल गैस सिलेंडर की कीमत कम होती है इतना ही नहीं व्यवसायिक उपयोग हेतु अलग (नीला सिलेंडर) प्रदान किया जाता है जिसके कीमत घरेलू गैस सिलेंडर के मुकाबले अधिक होता है इसलिए सस्ते के चक्कर में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग किया जाता है, इसी तरह बिलासपुर के BNI व्यापार एवं उद्योग मेले में किया जा रहा था,
जैसे ही मामले की सूचना पत्रकारों को मिली तो उन्होंने इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों और मेला आयोजकों को दी, लेकिन मेला आयोजकों ने जानकारी होने से इंकार कर दिया, दूसरी ओर जानकारी मिलते के बाद अधिकारियों ने खाद्य विभाग के अधिकारियों और निरीक्षकों की टीम को मौके पर भेजा जहां टीम ने मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते स्टॉल वालो को पलड़ा.. लेकिन पकड़ने के बाद भी खाद्य विभाग की टीम ने न तो सिलेंडरों को जप्त किया और न ही फूड स्टॉल को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई..इतना ही नहीं धान खरीदी में व्यस्त खाद्य विभाग की टीम जानकारी के दुसरे दिन मेले स्टाल में पहुंचे और मौके पर मौजूद दर्जनो घरेलू सिलेंडर भी दिखे । जानकारी के मुताबिक खाद्य विभाग की टीम द्वारा मेले के आयोजकों को नोटिस भी थमाया, अब किस तरह की नोटिस मेला आयोजकों को दी गई है, और क्या इसे लेकर कोई कार्रवाई की जानकारी फिलहाल खबर लिखे जाने तक नहीं मिल पाई है । वही इस मामले में अचानक मीडिया द्वारा आयोजकों के संज्ञान में लाने और खाद्य विभाग टीम की लेटलतीफी के कारण अधिकांश दुकानों में तत्काल कई दुकानदारों ने खाद्य विभाग की टीम की दबिश से पहले ही अपने सलेंडर बदल कर कामर्शियल सिलेंडर का बंदोबस्त कर लिया था ।
वही इस मेले में आयोजकों के खिलाफ दुकानदारों का गुस्सा साफ देखने को मिल रहा है । कई दुकानदारों ने आयोजकों पर मेले के नाम पर लूट का आरोप लगाया तो । कई दुकानदारों ने महंगे किराए के कारण दाम दुगने करने का खुलासा भी मीडिया के सामने किया । आयोजकों द्वारा मेले के अंदर दुकानदारी करने के नाम पर एक निश्चित राशि जमा करवाई जा रही है । जिसमें चनाचोरगरम, कार्टन कैंडी , फुग्गा , नींबू चाय बेचने वालो से 1500 से 3000 रु किराया लिया जा रहा है । तो फूड स्टाल वाले से 18000 से 50000 तक तो बाहर पॉपकॉर्न ,पान , आइस्क्रीम वालो से 500 रु प्रतिदिन का किराया लिया जा रहा है यह सभी आंकड़े दुकानदारों ने बताए है । बाकी स्टाल वालो से बात नहीं हो पाई हालांकि कुछ छोटे दुकानदारों ने कैमरे के सामने चेहरा और नाम न छापने की शर्त में दावा किया कि मेले के नाम पर आयोजकों द्वारा लूट की जा रही है और उनको इस मेले में लगातार नुकसान हो रहा है । हालांकि कुछ दुकानदारों ने gst भी पटाने का दावा किया है ।
वही BNI मेले में बाहर पार्किंग में आये दिन विवाद की खबरें भी सुनाई पड़ती है । जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है , जिसमें स्टैंड संचालक और पार्किंग ठेकेदार के गुर्गे पार्किंग शुल्क के नाम पर मारपीट करते नजर आ रहे है गौरतलब है कि अवैध पार्किंग के नाम पर लाखों रु की अवैध वसूली की जाती है । क्योंकि वहां पर आयोजकों और स्पेशल गेस्ट के लिए पुलिस मुस्तैद रहती है जबकि आम पब्लिक के लिए बाउंसर और पार्किंग के गुर्गे .?? सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मेले में कोई व्यवस्था नजर नहीं आती है । कई ब्रांड एंबेसडर से लेकर सरकारी एजेंसियां इस मेले में सहयोग के रूप में जुड़ी हुई है । कार्पोरेट हाउस से लेकर मैडिकल , एजुकेशन, इंडस्ट्रियल , बिल्डर से लेकर होटल जगत की जानी मानी सहित कई सम्मानित लोगों नाम जुड़े होने के कारण प्रशासन भी खामोश बना बैठा हुआ है । और सवाल उठ रहे है कि क्या यह मेला जनता के लिए है या फिर आयोजकों की ..?????









