Bilaspur arvind mishra shiv tiwari

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों सड़क मौत की जाल बना हुआ है लेकिन विभाग बाइक आदि छोटे वाहनों की जांच में मस्त है लेकिन बड़ी गाड़ी जिससे खतरा आय दिन रहता है न तो सड़को पर स्पीड कम है और न तो सही वेट पर समान लाना ले जाना कर रहे है उसके बाद भी जानकार विभाग की सक्रियता नदारद है आखिर क्यों क्या इनको आशीर्वाद देके रखे है या फिर कोई दबाव है,

सूत्रों ने बताया चाहे कोयला हो या रेत गाड़िया हो न तो स्पीड कम है और साथ में ओवर लोड से भरा हुआ गाड़िया सड़कों पर दौड़ेगी तो क्या सुरक्षा नजर आ रहा है, आय दिन सड़कों पर लाखों लोग जान गवा रहे है सरकार दुर्घटना रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चला रही है लेकिन इसका असर सड़कों पर नजर नहीं आ रही है आखिर कार हो क्या रहा है क्या शासन की गाइड लाइन कागजों में है या जानबूझ कर इस नियम को नहीं माना जा रहा है, आखिर क्यों,

सूत्रों ने ये भी बताया कि बिलासपुर बाय पास में रात भर और सुबह भी रेत और कोयला गाड़ी का अंबार लगा होता है और लगभग अधिकतर गाड़ी ओवर लोड लेकिन न तो कही जांच होती है न कोई कार्यवाही तो जनता समझे क्या,
क्या इनको आशीर्वाद है या प्रशाशन का संरक्षण जिसके चलते इनके ऊपर कार्यवाही नहीं होती,

सूत्रों ने बताया क्या इनके ऊपर ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग क्यों नहीं केवल छोटे गाड़ियों पर ही क्यों सड़क पर चलने वाली हर गाड़ियों पर ड्रिंक एंड ड्राइव के तहत कार्यवाही हो लेकिन बड़ी गाड़ियों के ऊपर चेकिंग नहीं की जाती केवल शहर में या शहर के बाहर छोटी गाड़ियों पर ही चेकिंग की जाती है आखिर क्यों क्या ये शासन प्रशाशन के नियम शर्तों के तहत नहीं आते आते है तो जांच क्यों नहीं,
सूत्रों ने ये भी बताया कि कम्पनी या ठेकेदार के द्वारा पर ट्रिप में 500बोनस दिया जाता है जिसके चलते गाड़ियों की स्पीड कम नहीं होती एक्स्ट्रा कमाई के चलते स्पीड से गाड़ी चलाते है ताकि 4से 5ट्रिप प्रतिदिन लग जाए और एक्स्ट्रा कमाई हो ये हाल है,

जनता का सवाल
छोटे वाहनों की जांच लगातार चल रही है सरकार बड़ी गाड़ियों के ऊपर जांच और कार्यवाही करती है कि नहीं अब देखने वाली बात है सुशासन की सरकार में जनता की हित और सुरक्षा का ख्याल रखा जाता है कि नहीं अब देखने वाली बात है,









