बिलासपुर अरविंद मिश्रा शिव तिवारी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,बिलासपुर शहर जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और विकास की दिशा में बढ़ते कदमों के लिए जाना जाता था ,आज भू माफियाओं के चंगुल में फंसा हुआ है भूमाफियाओं की दखलअंदाजी ने न केवल शहर की रंगत और सूरत बिगाड़ी है बल्कि मध्यवर्गीय और नौकरी पेशा के लोगों के लिए भी जीना मुश्किल कर दिया है, जिन लोगों ने अपने छोटे से आशियाने का सपना देखा था वह अब दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है बिलासपुर के कई इलाकों जैसे सकरी कांठ कोनी उसलापुर मोपका चिल्हाटी लाल खदान तिफरा और सरगांव भूमाफियाओं का गढ़ बन चुका है इन क्षेत्रों में जमीनों की अवैध खरीद फरोख्त जोरो पर है और शासकीय संपत्ति पर भी कब्जा जमाया जा रहा है बिना राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक मिली भगत के इतने बड़े स्तर पर लूटपाट संभव नहीं होती जिनका ना तो कोई वैद्य दस्तावेज होता है और ना ही मूलभूत सुविधाएं होती है भूमाफियाओं के इस जाल में सबसे ज्यादा फंसे हैं मध्यम वर्ग की नौकरी पेशा वाले लोग जो अपनी छोटी सी जमीन या घर खरीदने की चाह में बार-बार ठगे जाते हैं सकरी कांठ कोनी नहीं मोपका मंगला और तिफरा जैसे इलाकों में ऐसे हजारों लोग हैं जो अपनी गाढ़ी कमाई से जमीन खरीदने के बाद भी आज तक में बिजली ना पानी न सड़कों की सुविधा प्राप्त कर पाए इन लोगों के लिए घर खरीदना अब सिर्फ एक सपना बनकर रह गया है और वह अपनी संपत्ति की वैद्यता साबित करने में सालों से उलझे हुए हैं हालांकि प्रशासन भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे करता है लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है कई भूमाफियाओं को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है वे कानून के शिकंजे से बाहर है जबकि कुछ अधिकारी उनकी मदद कर उन्हें बढ़ावा देते हैं नूतन चौक श्रीकांत वर्मा मार्ग गौरव पथ जैसे प्रमुख इलाकों में भी भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा जमा कर वहां की सरकारी और नजूल जमीनों को बेचना शुरू कर दिया है यह स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि यहां अब नहीं सड़कों नालियों और पार्कों का निर्माण भी बाधित हो रहा है भू माफियाओं के खिलाफ न्याय की गुहार लगाने वाले लोग प्रशासन और न्यायिक प्रणाली के बीच पीस रहे हैं छोटे-छोटे मकान और प्लांट के लिए लड़ने वाले लोग इस उम्मीद में दर-दर भटक रहे हैं कि उनकी सुनी जाएगी परंतु उन्हें न्याय मिलने में सालों लग जाते हैं और तब तक भू माफिया और भी सशक्त हो चुके होते हैं इस स्थिति में प्रशासन की निष्क्रिय और भ्रष्टाचार साफ तौर पर उजागर होते हैं बिलासपुर शहर के इस गंभीर स्थिति से उभरने के लिए सख्त और ईमानदार प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत है अवैध कब्जा को हटाने भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिएसाथ ही जनता को जागरूक करने और उनकी संपत्ति के अधिकारों की रक्षा करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाने की आवश्यकता है यदि प्रशासन और सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते तो बिलासपुर का विकास रुकेगा और शहर की शान पूरी तरह से खत्म हो जाएगी शहर के आम लोग जो अपनी छोटी-छोटी बचत से एक आशियाने का सपना देखते हैं वह हमेशा के लिए भूमाफियाओं के चंगुल में फंसे रहेंगे ,,?

