बिलासपुर अरविंद मिश्रा शिव तिवारी

बिलासपुर के सरकंडा थाना पुलिस प्रभारी पर लगे गंभीर आरोप लगे हैं बस्तर जिले के करपावंड तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग और अन्य पुलिस कर्मियों के द्वारा उनके साथ मारपीट और गाली गलौच किया गया है, जिसकी शिकायत तहसील दार ने पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह से की है,
यह घटना 17नवंबर की रात की है जब तहसीलदार अपने भाई और पिता के साथ हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस से बिलासपुर लौट रहे थे उनके मुताबिक रात करीब 1:30 बजे डीएस कॉलेज के पास हनुमान मंदिर के नजदीक पुलिस कर्मियों ने उनकी गाड़ी रूकवाई तहसीलदार ने अपनी पहचान बताई लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया,
तहसीलदार का आरोप है कि उन्हें जबरन सरकंडा थाने ले जाया गया जहां उन्हें शराब पीने का झूठा आरोप लगाकर धमकाया गया पुलिस ने बार-बार उन्हें अल्कोहल मीटर में फूंकने के लिए मजबूर किया और मेडिकल जांच के नाम पर उन्हें सिम्स अस्पताल भी ले जाया गया लेकिन कोई मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ
इस दौरान तहसीलदार के भाई ने बिलासपुर कलेक्टर से संपर्क किया हालांकि कलेक्टर के कहने के बावजूद थाना प्रभारी ने कोई सकारात्मक प्रक्रिया नहीं दी बल्कि कलेक्टर की बात को अनसुना करते हुए हमारे अधिकारी एसपी है कर के बात को टोल मटोल कर दिया गया,
जब तहसीलदार के भाई ने घटना के दौरान वीडियो बनाने का प्रयत्न किया लेकिन पुलिस कर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की और उनका मोबाइल जप्त कर लिया इसके बाद उनके मोबाइल में सारे वीडियो और दस्तावेज डिलीट कर दिए गए पुलिस ने तहसीलदार और उनके परिवार को रात 4:21 बजे रिहा किया और मोबाइल वापस किया,
इस घटना से तहसीलदार और उनके परिवार मानसिक रूप से डरा हुआ है उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है उनका दावा है कि पुलिस की ज्यादती ने उनके परिवार को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया है और इस घटना से वह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं
इस मामले पर सरकंडा थाने के पुलिस कर्मियों ने उल्टा तहसीलदार और उनके भाई पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है पुलिस का दावा है कि रात की गस्त के दौरान तहसीलदार उनके परिवार ने पुलिस के साथ झगड़ा किया और उनके पास पहचान पत्र भी नहीं था पुलिस ने तहसीलदार पर नशे में होने का भी आरोप लगाया है
सरकंडा थाने में fir संख्या 1450/2024 दर्ज की गई है इसमें तहसीलदार उनके परिवार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 221 296 और 351 2 के तहत सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए गए है
फिर इस मामले पर बिलासपुर एसपी रजनेश सिंह ने कहा की नायाब तहसील द्वारा की गई शिकायत की जांच की जा रही है उन्होंने आश्वासन दिया की जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे इस आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी
इस घटना ने बिलासपुर के प्रशासनिक और पुलिस तंत्र को सवाल के घेरे में ला दिया है तहसीलदार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद जिला प्रशासन से मामले की जांच की उम्मीद की जा रही है अब यह देखना होगा की जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या आरोप सही साबित होते हैं या नहीं,
थाना प्रभारी ने क्या कहा देखिए

