
आपको बता दे की बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर के साथ हुई घटना बहुत ही शर्मनाक है पत्रकार कभी भी अपने हित में कार्य नहीं करता लेकिन पत्रकारों के साथ हो रही घटना यह साफ दर्शाता है की सच्चाई को जनता के सामने पत्रकार ना ला सके लेकिन पत्रकार अपने कार्य से विमुख नहीं हो सकता जिसके कारण उसको अपने जान से हाथ धोना पड़ता है लेकिन सरकार कभी भी पत्रकारों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देता,
ऐसे ही एक घटना बीजापुर से सामने आई है जहां पत्रकार मुकेश चंद्राकर का सेप्टिक टैंक में बॉडी मिला नए साल के दिन से लापता था लेकिन आज तक पता नहीं चला और जब पता चला तब वह बहुत दूर निकल चुका था लेकिन सोचने वाली बात है कि इसका जवाबदार कौन है क्या सत्ताधारियों को पत्रकारों का लिखना पसंद नहीं या बड़े-बड़े कार्यो में संलिप्त जो ठेकेदार हैं जो गलत करते हैं उनका सच्चाई दिखाना गलत है यह सोचने वाली बात है
इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ सरकार मुकेश चंद्राकर के साथ क्या इंसाफ करता है देखने वाली बात है क्या पत्रकारों की सुरक्षा का जवाबदारी सरकार की नहीं है है तो क्यों नहीं करती कहीं पत्रकारों को झूठे केस में फसाना कहीं पत्रकारों का हत्या हो जाता है लेकिन सरकार पत्रकारों के साथ क्यों नहीं है जबकि पत्रकार सरकार को गलत कार्यों की जानकारी गलत कामों की जानकारी देने में हमेशा आगे रहता है लेकिन इसके बाद भी सरकार पत्रकारों की रक्षा क्यों नहीं करना चाहता क्या पत्रकार इंसान नहीं है है तो सुरक्षा क्यों नहीं आए दिन पत्रकारों के साथ कोई ना कोई घटना घटने रहती है लेकिन फिर भी सरकार चुप्पी साधे रहती है,
अब देखने वाली बात है की छत्तीसगढ़ सरकार पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करवाने में सफल होती है कि नहीं और यह भी सोचने वाली बात है कि पत्रकारों के साथ आगे भी यह घटना होती है की सरकार पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान करती है

