मुंगेली अरविंद मिश्रा शिव तिवारी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुसुम स्टील प्लांट प्राइवेट प्लांट होने के बाद भी इतनी बड़ी घटना घटने के बाद प्लांट प्रबंधन का कोई जवाबदारी नहीं जवाबदारी सरकार की है प्लांट का पैसा सेठ सेठ के हाथ में जाएगा और अगर प्लांट के अंदर कोई घटना घटती है तो उसका मुआवजा राज्य सरकार देगा
लोगों ने बताया अंधेर नगरी चौपट राजा आप देख सकते हैं प्लांट प्रबंधन की जवाबदारी है मुआवजा देने का लेकिन इस पर ना तो प्रशासन का ध्यान है ना तो राजनेताओं का बल्कि राजनेताओं का कहना है की शाय सरकार से मुआवजे की बात करेंगे
जबकि जवाबदारी प्लांट प्रबंधन की है इसके बाद भी जिला प्रशासन ने कोई दबाव नहीं बनाया
वहां के रहने वाले लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है ऐसी घटना घटते रहती है जिसे प्रबंधन के द्वारा दबा दिया जाता है वहां रहने वाले लोग हमेशा डरे सहमे से रहते हैं
सरकार की खजाने को खाली करना फैक्ट्री प्रबंधन की जवाबदारी बन गई है लेकिन वहां जो कमाई होता है उस पर शासन का अधिकार नहीं रहता
जिले में इतनी बड़ी घटना हुई लेकिन जब प्रबंधन के लोगों से मीडिया बात करना चाही तो प्लांट प्रबंधन के मलिक ने कहा कि मैं बाहर हूं आप सोच सकते हैं की किस प्रकार की लापरवाही की जा रही है उसके बाद भी शासन प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है बल्कि प्रबंधन को बचाने में जुटे हुए हैं
जब चिमनी इतनी पुरानी थी तो उस पर मरम्मत क्यों नहीं किया गया कोई भी चिमनी इतनी जल्दी नहीं गिरती लेकिन इसके बाद भी शासन प्रशासन ने प्लांट प्रबंधन के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की गई
लोगों ने बताया की गलती फैक्ट्री की है पूरा मुआवजा फैक्ट्री को देना चाहिए लेकिन यहां जस्ट उल्टा हो रहा है मुआवजा शासन से लेने की तैयारी में लगे हैं अब देखने वाली बात है इस खबर के बाद क्या फैक्ट्री प्रबंधन के ऊपर कार्यवाही होती है या हरी झंडी देकर के छत्तीसगढ़ सरकार के खजाने से माल निकाला जाता है

