बिलासपुर अरविंद मिश्रा शिव तिवारी

ऊंची दुकान मिलावटी पकवान
बिलासपुर, 10 अक्टूबर 2025।
जिस देश में दवा के स्टैंडर्ड तय नहीं होते हो वहां पकवान शुद्धता से मिलेगा यह हो ही नहीं सकता। नापतोल की कहानी को छोड़ भी दे तो, पकवान की गुणवत्ता का कोई सवाल ही नहीं है। अक्टूबर माह के अंतिम 10 दिन में सनातन धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार है और व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा अवसर है मिलावट का…. जीएसटी की छूट की तमाम घोषणाएं धारी की धरी रह गई तेल कोविड में 1600 से चढ़ते चढ़ते अब 2100 और 2200 के बीच चलता है। हम घर पर ले जाने वाले पाउच की बात नहीं कर रहे हैं वह तो कुछ दिन के भीतर शैंपू के पाउच के बराबर हो जाएगा। खोवा लोकल फार लोकल ₹300, गुजरात से आने वाला खोवा ₹280 है अब देसी व्यापारी क्या करें।
गुजरात के खोवे से इनकार भी नहीं किया जा सकता मॉडल राज्य है। जो ठहरा राज्य सरकार के जिस विभाग को खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच करनी है वह दीपावली मनाने दीपावली के 5 दिन पहले निकलेगा और कुछ सैंपल लेकर अपनी और साहबों की दीपावली मनवा देगा। आम नागरिक जब दीपावली की मिठाई खरीदेगा तो वह मिठाई बने हुए तीन माह से ज्यादा का समय हो चुका होगा। मिष्ठान के ऊंचे दुकानदार अपना माल दो माह पूर्व बना कर रख चुके हैं।









