Bilaspur arvind mishra shiv tiwari


जिले में एनीमिया जाँच अभियान का शुभारम्भ, 150 बालिकाओं का परीक्षण—10% एनीमिक पाई गईं, सिकल सेल पर भी दी गई जानकारी
जिले में बालिकाओं के स्वास्थ्य सुधार को ध्यान में रखते हुए आज जगमाल चौक स्थिति Self Help Education and Research Sanstha, एवं गुजरात के संस्था श्रीमत राजचन्द्र मिशन के सहयोग से व्यापक एनीमिया जाँच अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का शुभारम्भ नूतन चौक स्थित पी.एम. श्री सेजस कन्या उच्च माध्यमिक शाला से हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. शुभ्रा गरेवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि श्री शुभम शर्मा, विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती गायत्री तिवारी, तथा संस्था के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री मनोज गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीमती अनुराधा मिश्रा एवं असिस्टेंट लेक्चरर श्री हेमंत नायक सहित संस्था के सभी कर्मचारी सही स्कूल के शिक्षक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. शुभ्रा गरेवाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। स्वागत भाषण में श्री हेमंत नायक ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया।
CMO ने एनीमिया और सिकल सेल पर दी विस्तृत जानकारी देते होए
अपने संबोधन में डॉ. शुभ्रा गरेवाल ने कहा कि एनीमिया किशोरियों में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, जिसका मुख्य कारण आयरन की कमी और पौष्टिक आहार का अभाव है। उन्होंने बताया कि एनीमिया से थकान, चक्कर आना, पढ़ाई में बाधा, कमजोरी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने छात्राओं को हरी सब्जियाँ, दालें, अंकुरित अनाज, गुड़ जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने और नियमित IFA (Iron-Folic Acid) लेने की सलाह दी।
सिकल सेल रोग पर जानकारी देते हुए CMO ने कहा कि यह एक वंशानुगत बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों में आती है। इसमें रक्त कोशिकाएँ दरांती के आकार की हो जाती हैं, जिससे दर्द, कमजोरी और रुकावट जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। उन्होंने समय पर जांच, दवा और निरंतर फॉलो-अप को अत्यंत आवश्यक बताया। संस्था के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा यहाँ बताया गया की उनके
जाँच और दवा वितरण
अभियान के अंतर्गत
बालिकाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण
एनीमिया स्तर का मूल्य
3 माह की आयरन दवा का निःशुल्क वितरण जिला के सभी कन्या शालो
किया गया जायेगा
इस अभियान के तहत आज कुल 150 बालिकाओं का परीक्षण किया गया, जिसमें—
लगभग 80% बालिकाओं का Hb स्तर 11 g/dl से कम पाया गया
लगभग 10% बालिकाएँ गंभीर एनीमिक पाई गईं, जिनका Hb 7 g/dl से कम था
गंभीर एनीमिक बालिकाओं को विशेष चिकित्सा परामर्श की सलाह के कर और दवा लेने कहाँ गया.
संस्था ने बताया कि यह एनीमिया नियंत्रण अभियान जिले की सभी कन्या शालाओं में नियमित रूप से आगामी महीनों तक जारी रहेगा।

