Bilaspur arvind mishra shiv tiwari


लोयला स्कूल में 2014से शिक्षा के अधिकार में पड़ रहे बच्चे के पिता ने बताया कि हर बार फिश दो करके परेशान करता है फादर हमारा स्कूल अल्पसंख्यक स्कूल का देता है हवाला,
जब मैं रिजल्ट और एडमिशन की बात करने जाता हु तो हर बार फिश जमा कर दो बोलता है लेकिन मेरा बच्चा शिक्षा के अधिकार rte की तहत पढ़ाई कर रहा है तो मैं फिश क्यों दूं जबकि राज्य सरकार ने कहा है जब rte को लेकर राज्य सरकार ने कहा है जो स्कूल rte का पालन नहीं करेगा तो स्कूल निरस्त कर दिया जाएगा उसके बाद भी बिलासपुर जिले में पालन नहीं हो रहा है आखिर जवाब दार कौन है, सोचने का विषय है,
बच्चे के पिता ने बताया कि इस बार मेरा लड़का 11क्लास में गया है जहां कामर्श लेके पढ़ना चाहता है लेकिन लिस्ट जारी होने के बाद भी उसका नाम नहीं आया,
फादर और प्रिंसिपल ने एक टूक शब्दों से कह दिया फिश लगेगा लेकिन rte में फिश कब से लगने लगा पूछा तो फिश लगेगा कह कर के बात को टाल दिया जब राज्य सरकार के गाइड लाइन को नहीं मान रहा लोयला स्कूल गरीब की बात क्या सुनेगा ये है सुशासन तिहार के दौरान संस्था का वक्तव्य,
क्या rte कागजों में है स्कूलों में नहीं अगर स्कूलों में है तो फिर सरकार की गाइड लाइन की अवहेलना क्यों क्या लोयला स्कूल प्रशाशन से ऊपर है बड़ा सवाल,
अब देखने वाली बात है क्या सरकार इस समस्या पर त्वरित कार्यवाही कर शिक्षा के अधिकार के तहत पड़ रहे बच्चों को rte के नियम का लाभ दिला पाते है कि नहीं

