Bilaspur arvind mishra shiv tiwari

फर्जी पावर ऑफ़ अटॉर्नी का इस्तेमाल कर बेशकीमती नजूल भूमि बिक्री किए जाने का मामला
जिला न्यायालय ने थाना सिविल लाइन को जयदीप रॉबिंसन पर सात दिवस के भीतर जुर्म दर्ज किए जाने का दिया आदेश
कोर्ट ने कहा – लापरवाही को माना जाएगा अवमानना
बिलासपुर 17 जून। मसीही समाज का अवैधानिक संगठन बनाकर मिशन की प्रॉपर्टी को कब्जा करने और बेचने मे जुटा जयदीप रॉबिंसन पर जुर्म दर्ज किए जाने का निर्देश जिला न्यायालय ने सिविल लाइन थाना बिलासपुर को जारी किया है रायपुर सहित अन्य जिलों मे पूर्व में हो चुकी 7 एफआईआर के बाद जमानत पर चल रहे जयदीप रॉबिंसन ने शहर की बेशकीमती नजूल भूमि की अवैधानिक बिक्री किए जाने के कृत्य को जिला न्यायालय ने गंभीरता से लिया है नजूल भूमि की बिक्री कर उसकी रकम अपने अकाउंट में लेने वाला जयदीप रॉबिंसन स्थानीय स्तर पर मामला सेट कर मसीही समाज का नेता बना घूम रहा है जिला न्यायालय द्वारा सात दिवस के भीतर जुर्म दर्ज़ किए जाने का आदेश जारी होने से जयदीप रॉबिंसन और उसकी टीम की मुश्किलें बढने वाली है। एक माह पूर्व जिला न्यायालय बिलासपुर से सिविल लाईन थाने को निर्देशित किया गया था कि जयदीप रॉबिंसन निवासी विद्यानगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 16 जून को न्यायालय में उपस्थित हो इस आशय के आदेश पत्र प्रतिवादी के अधिवक्ताओं ने सिविल लाईन थाने को पूर्व में ही सौप दिए थे पर आज 16 जून को थाने की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। माननीय न्यायाधीश ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाना टीआई को ज्ञापन जारी किया है और 7 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि ऐसा न होने पर इस न्यायालय की अवमानना माना जाएगा। जिला न्यायालय के निर्देश का स्वागत करते हुए मसीह समाज के शुभचिंतकों का कहना है कि मसीही समाज का सर्वेसर्वा खुद को समझने वाला जयदीप रॉबिंसन अपंजीकृत संगठन का सचिव बनकर मिशन की प्रॉपर्टी को अपनी निजी प्रॉपर्टी समझकर धड़ल्ले से बेच रहा है है मसीही समाज के पुराने पदाधिकारी और पुरखों ने जिन प्रॉपर्टी को सहेज कर रखा अब उन्ही प्रॉपर्टीज पर जयदीप रॉबिंसन और उसका अपंजीकृत संगठन कुदृष्टि बनाए हुए हैं बिलासपुर में बेशकीमती नजूल भूमि को बिक्री करने यूसीएमएस का फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल किया और अपने बैंक खाते मे जयदीप रॉबिंसन ने बिक्री की लंबी रकम प्राप्त की थी तत्पश्चात इसी संदर्भ में कोर्ट में मामला दायर किया गया जिस पर जिला न्यायालय ने जुर्म दर्ज किए जाने का आदेश पारित किया है।

