मिस्दा,, अरविंद मिश्रा शिव तिवारी


-उमा कंहऊ मैं अनुभव अपना। सत हरि भजन जगत सब सपना -राजेश्री महन्त जी
श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित हुए एवं शोक-संतप्त परिवार से मिले महामंडलेश्वर
महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज अपने एक दिवसीय जिला जांजगीर चांपा प्रवास के दौरान नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत स्थित ग्राम मिसदा में शुक्ला परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित हुए।आयोजक परिवार के द्वारा बहुत ही आत्मियता पूर्वक उनका स्वागत किया गया। राजेश्री महन्त जी महाराज ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना की व्यासाचार्य जी ने भी अभिवादन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि – पितृपक्ष में अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना के लिए शुक्ला परिवार के द्वारा यह आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सभी पितर देवता निश्चित रूप से यहां उपस्थित होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान कर रहे होंगे। उन्होंने कहा कि -मनुष्य का जीवन क्षणभंगुर है हम जो स्वांस ले रहे हैं उसे पुनः ले पाएंगे या नहीं! इसकी कोई गारंटी नहीं है। यदि एक बार हमने अपने मुख से राम का नाम ले लिया तो दोबारा पुनःले पाएंगे या नहीं ! यह भी निश्चित नहीं है। श्री रामचरितमानस में माता पार्वती को श्री राम कथा सुनाते हुए भगवान भोलेनाथ ने कहा है कि – उमा कहंऊ मैं अनुभव अपना। सत हरि भजन जगत सब सपना।। अर्थात इस संसार में केवल हरि का नाम ही सार है, उनका हमें निरंतर सुमिरन और चिंतन करते ही रहना चाहिए। आचार्य दुर्गा प्रसाद चतुर्वेदी जी महाराज ने कहा कि -जिस स्थान पर संत महात्माओं के चरण रज पड़ जाते हैं वह धन्य हो जाता है। महाराज जी के आगमन से आज यह भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ भी सफल हो गया। कार्यक्रम में कमलेश सिंह, प्रमोद सिंह, हर प्रसाद साहू तथा राकेश शुक्ला, धनंजय शुक्ला श्रीमती मधु शुक्ला, पवन शुक्ला श्रीमती मनीषा शुक्ला, गुलब्धार दीवान, बलराज शुक्ला, मनीराम यादव, दरसराम देवांगन, ललन देवांगन, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण शामिल हुए। राजेश्री महन्त जी महाराज ग्राम खोखरा में शोकाकुल थवाईत परिवार तथा ग्राम धाराशिव में शोक संतप्त राठौर परिवार से सौजन्य भेंट मुलाकात किये। इसमें क्रमशः विशेष कर शरद थवाईत, संजय तंबोली तथा दिनेश राठौर, भुवनेश्वर राठौड़ सहित उनके परिवार के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

