बिलासपुर अरविंद मिश्रा शिव तिवारी



बिलासपुर। चुनाव बहिष्कार के बाद भी सोए पीडब्ल्यूडी के अफसरों को नींद से जगाने धूमा मानिकपुर ढेंका के ग्रामीणों ने सोमवार को दर्री घाट नेशनल हाइवे को जाम कर प्रदर्शन करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग के सुकमार अफसर ने पूर्व सूचना के बाद भी खुद मौके पर पहुचने के बजाय अपने स्टाफ को मौके पर भेज दिया। जिससे भड़के नागरिकों ने साफ कह दिया कि आप से बात नही होगी अफसर को बुलाये,और पुलिस व प्रशासन के अफसरों को भीड़ की खरी- खोटी सुननी पड़ी। आलम ये रहा कि एक नही दो- दो एम्बुलेंस फंसी रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
पिछले 20 साल से सड़क बदहाल है, कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी और नेताओं से तक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा पर सड़क नही बनी। इससे नाराज ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क पर उतरकर ज्ञापन सौंपा और विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया वोट तक नही डाले, एसडीएम ने आश्वासन भी ढिया पर 3 गावो को जोड़ने वाले 6 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण 20 साल बाद भी नही हो सका।
आक्रोशित जनप्रतिनिधियों और इन 3 गावो ग्रामीणों ने 15 दिन पहले कलेक्टर एसएसपी को 15 दिन में सड़क निर्माण शुरू नही कराने पर नेशनल हाइवे में चक्काजाम करने अल्टीमेटम तक दिया इसके बाद भी अफसर नही जागे, नतीजतन 15 दिन बाद सोमवार को ग्रामीणों को चक्काजाम करना पड़ा और शासन- प्रशासन के खिलाफ हमारी मांगे पूरी करो सड़क बनवाओ का नारा लगाने सड़क पर उतरना पड़ा।
पब्लिक हुई हलाकान
इस चक्काजाम आंदोलन के चलते सुबह 10 बजे से सड़क कर दोनो ओर लगभग 3-4 किलोमीटर लम्बा जाम लगा रहा, उमस भरी गर्मी में वाहन चालक सवारी आमजन सब हलाकान हो जाम खुलने का इंतजार करते रहे।
आधा दर्जन एम्बुलेंस फंसी रही
इस चक्काजाम आंदोलन के कारण सड़क पर करीब आधा दर्जन एम्बुलेंस भी फंसी रही, नागरिकों और पुलिस ने किसी तरह एम्बुलेंस को जाम से बाहर निकलवाया।

