बिलासपुर अरविंद मिश्रा शिव तिवारी

आयुक्त महोदय बिलासपुर संभाग बिलासपुर (छ०ग०)
विषय :- आवेदक पंकज खडेलवाल निवासी बिलासपुर द्वारा कालोनाईजर को शासकीय भूमि से नियम विरुद्ध रास्ता प्रदान कर शासन को करोड़ों की क्षति कारित करने के संबंध में।
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विषयान्तर्गत आवेदक पंकज खंडेलवाल निवासी बिलासपुर द्वारा अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर श्री शशिभूषण सोनी व पूर्व पदस्थ नायब तहसीलदार श्री शेषनारायण जायसवाल द्वारा कॉलोनाईजर को शासकीय भूमि से नियम विरूद्ध रास्ता प्रदान कर शासन को करोड़ों की क्षति कारित करने के संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ है। प्राप्त शिकायत पत्र पर टी०एल०कं० 17544 दिनांक 04.03.2024 दर्ज कर जांच की कार्यवाही प्रारंभ की गई। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण निम्नानुसार है –
अनुविभागीय अधिकारी (रा०) बिलासपुर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं संलग्न दस्तावेज का परीक्षण करने हेतु प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख शाखा बिलासपुर को निर्देशित किया गया। प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के अनुसार उक्त शिकायत के संबंध में प्रतिवेदन निम्नानुसार है
यह कि तत्कालीन नायब तहसीलदार बिलासपुर श्री शेषनारायण जायसवाल के प्रकरण क्रमांक 202102075000033 गायत्री कन्स्ट्रक्शन द्वारा भागीदार राघवेन्द्र गुप्ता विरुद्ध छ०ग० शासन में आदेश पारित कर शासकीय भूमि खसरा नं0 8/1 कुल रकबा 11.1170 हे0० मे से 160 फिट लंबा 32 फिट चौड़ा कुल 5120 वर्गफिट भूमि पर आवेदक के निजी भूमि तक आने जाने के लिए आम रास्ता के उपयोग के लिए शर्तों के अधीन अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
इसी प्रकार तत्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर श्री शशिभूषण सोनी द्वारा प्रकरण क्रमांक 202310075300033 आवेदक श्रीराम सरिता बिल्डर्स एण्ड कालोनाईजरस प्रा.लि. आशिष गुप्ता आत्मज रामनिवास गुप्ता में आवेदक के, निजी भूमिस्वामी हक की भूमि खसरा क्रमांक 293 रकबा 0.170 हे० भूमि आवेदक के ही सरकंडा बहतराई सड़क मार्ग से लगी हुई उसकी निजी भूमिस्वामी हक की भूमि खसरा नंबर 298/1 रकबा 0.1290 हे० खसरा नंबर 299/4 रकबा 0.134 हे० एवं शासकीय भूमि खसरा नंबर 294/1 रकबा 0.530 हे० से लगी हुई है। वर्तमान में मौके पर नक्शा बटांकन नहीं है। सरकंडा बहतराई सड़क मार्ग से लगकर खसरा नंबर 294, 298, 299 से आवेदक के निजी भूमि (खसरा नंबर 298/1 रकबा 0.1290 हे० खसरा नंबर 299/4 रकबा 0.134 हे०) को सम्मिलित करते हुए भूमि खसरा कमांक 293 पर आने-जाने हेतु 40 फुट चौड़ा रास्ता उपलब्ध है। प्रकरण में पृथक से किसी प्रकार के आदेश की आवश्यकता नही होने के कारण, समाप्त किये जाने का आदेश पारित किया गया है।
इसी प्रकार तत्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर श्री शशिभूषण सोनी द्वारा प्रकरण क्रमांक 202310075300018 राज कन्स्ट्रक्शन द्वारा भागीदार अर्जुन सिंह कछवाहा पिता शैलेन्द्र सिंह कछवाहा में आवेदक के ग्राम बिरकोना म०नं० 01 तहसील व जिला बिलासपुर छ०ग० स्थित निजी भूमिस्वामी हक की भूमि खसरा कमांक 1330/2 रकबा 0.279 हे० के सामने स्थित शासकीय भूमि खसरा कमांक 1331 उपयोग अपनी भूमि पर आवागमन हेतु किए जाने के लिए प्रस्तुत आवेदन पत्र पर किसी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नही होना पाकर प्रस्तुत आवेदन का निराकरण करते हुए आवेदक को भविष्य में किसी प्रकार के भूमि अर्जन भूमि आबंटन या किसी अन्य प्रयोजन के लिए दावा-आपत्ति पर पृथक से निराकरण किये जाने तथा शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 1331 के मूल स्वरूप को अपरिवर्तित रखते हुए आवागमन हेतु ही उपयोग किए जाने की शर्त पर आवेदक को ग्राम बिरकोना म०नं० 01 तहसील व जिला बिलासपुर छ०ग० स्थित उसकी निजी भूमिस्वामी हक की भूमि खसरा क्रमांक 1330/2 रकबा 0.279 हे0 के सामने स्थित शासकीय भूमि खसरा कमांक 1331 (30) फीट चौड़ा रास्ता) का उपयोग आवागमन हेतु किए जाने अनुमति दी जाती है। प्रकरण में पृथक से किसी प्रकार के आदेश की आवश्यकता नहीं होने के कारण समाप्त किये जाने का आदेश पारित किया गया है।
उक्त प्रश्नाधीन भूमि पर तत्कालीन संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर द्वारा पत्र कमांक 1208/न.ग्रा.नि./ प्र.क्र. 13/सी.जी.आ. 00172/धारा 29/22 बिलासपुर दिनांक 11.04.2022, पत्र क्रमांक 1877/न.ग्रा.नि./ प्र.क्र. 45/सी.जी.आ. 00005/धारा 29/23 बिलासपुर दिनांक 13.04.2023 एवं पत्र क्रमांक 351/न.ग्रा.नि./ प्र.क्र. 68/सी.जी.आ. 00149/23/धारा 29/24 बिलासपुर दिनांक 10.01.2024 के द्वारा आवेदकों को आवासीय/भू-खण्डीय विकास अनुज्ञा जारी करने हेतु पत्र जारी किया गया। उक्त आधार
पर विकास अनुज्ञा जारी किया जाना पाया गया।
नस्ती में संलग्न दस्तावेज का अवलोकन करने से स्पष्ट है कि भूमि बंटन / व्यवस्थापन के संबंध में लागू छ०ग० शासन राजस्व एंव आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र कमांक एफ -7-117/सात-1/2011 वर्ष 2011 के अनुसार सार्वजनिक मार्ग और आवेदित कालोनी/भू-खण्ड के मध्य शासकीय भूमि अथवा निजी भूमि है तो पहुंच मार्ग हेतु शासकीय भूमि का आबंटन नियमानुसार मार्ग निर्माण हेतु किया जा सकेगा इस तरह आबंटित की जाने वाली भूमि प्राईवट बिल्डर्स को शासकीय / नजूल भूमि आबंटन हेतु गठित अंर्तविभागीय समिति द्वारा प्रचलित गाईड लाईन पर आबंटित की जावेगी। भूमि आबंटन के पश्चात ही अनुज्ञा जारी किया जाना उचित होगा क्योंकि किसी भी आवासीय स्थल तक पहुंच मार्ग उपलब्ध होने से भू-खण्ड का मूल्य संवर्धन होता है। छ०ग० शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र कमांक एफ 4-07/सात-1/2019 दिनांक 24 फरवरी 2022 के अनुसार नगरीय क्षेत्रों मेंशासकीय भूमि के आबंटन संबंध में निर्देश जारी किये गए है। जिसके बिन्दु कमांक 1.1 अनुसार जिला स्तर पर शासकीय भूमि आबंटन अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन के आवेदनों का परिक्षण कर जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु समिति गठित करने का प्रावधान है।
बिन्दु कमांक 1.4 (क) अनुसार कलेक्टर द्वारा ऐसी शासकीय भूमि जिसकी लोकबाधा / स्वास्थ्य / सुरक्षा/सुविधा / लोकप्रयोजन/पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सुरक्षित रखने की आवश्यकता न हो, 7500 वर्गफुट तक भूमि आबंटन तथा ऐसी अतिकमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन किया जा सकेगा का प्रावधान किया गया है।
अतएव नस्ती में संलग्न दस्तावेज एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का अवलोकन एवं परिसिलन करने से स्पष्ट प्रतीत होता है कि तत्कालीन नायब तहसीलदार श्री शेषनारायण जायसवाल एवं अतिरिक्त तहसीलदार श्री शशिभूषण सोनी तथा तत्कालीन संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश बिलासपुर ने पद का दुरुपयोग करते हुए कालोनाईजर को शासकीय भूमि से नियम विरुद्ध रास्ता प्रदान कर शासन को राजस्व की क्षति कारित करने संबंध में की गई शिकायत सही पायी गई।
इस संबंध में श्री शशिभूषण सोनी अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर एवं श्री शेषनारायण जायसवाल तात्कालीन नायब तहसीलदार बिलासपुर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब लिया गया। श्री शशिभूषण सोनी द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया है कि “संदर्भित कारण बताओ सूचना पत्र के प्रथम पैरा में उल्लेख है कि रा०प्र०कं० 202310075300033 में आवेदक श्रीराम बिल्डर्स एण्ड कॉलोनाइजर्स प्रा०लि० आशीष गुप्ता आ० रामनिवास गुप्ता ग्राम बहतराई तहसील व जिला बिलासपुर छ०ग० के सरकण्डा बहतराई सड़क मार्ग से लगकर शासकीय भूमि ख0नं0 294/1 रकबा 0.530 हे0 निजी भूमि 298, 299 से आवेदक के निजी भूमि ख०नं० 298/1 रकबा 0.1290 हे० ख0नं0 299/4 रकबा 0.134 हे0 को सम्मिलित करते हुए ख०नं० 293 पर आने-जाने हेतु 40 फुट चौड़ा रास्ता उपलब्ध है। प्रकरण में किसी भी प्रकार के आदेश की आवश्यकता नहीं होने के कारण समाप्त किये जाने का आदेश पारित किया गया है। उपरोक्तानुसार स्वतः स्पष्ट है कि प्रकरण में मेरे द्वारा अनाधिकृत किसी भी प्रकार का शासकीय भूमि का आबंटन या राजस्व अभिलेख में नाम चढाने संबंधित आदेश पारित नहीं किया गया है।
इसी प्रकार रा०प्र०क० 2023100753018 में आवेदक राज कंस्ट्रक्शन अर्जुन सिंह कछवाहा पिता शैलेन्द्र सिंह कछवाहा में ग्राम बिरकोना म०नं० 1 तहसील व जिला बिलासपुर छ०ग० स्थित निजी भूमिस्वामी हक की भूमि खसरा कमांक 1330/2 रकबा 0.279 हे० के सामने स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 1331 के मूल स्वरूप को अपरिवर्तित रखते हुए आवेदक को शासकीय भूमि खसरा कमांक 1331 का उपयोग आवागमन हेतु किए जाने अनुमति दी गयी है। इस प्रकरण में भी आवेदक के निजी भूमि स्वामी हक की भूमि के सामने स्थित शासकीय भूमि के मूल स्वरूप को अपरिवर्तित रखते हुए केवल आवागमन उपयोग के निर्देश पर पृथक से बिना कोई आदेश पारित किए समक्ष में प्राप्त आवेदन का निराकरण किया गया है।श्री शेषनारायण जायसवाल तत्कालीन नायब तहसीलदार बिलासपुर के द्वारा अपने जवाब में लेख किया गया है कि आवेदक गायत्री कन्सट्रक्शन द्वारा भागीदार राघवेन्द्र गुप्ता द्वारा ग्राम बिजौर तहसील बिलासपुर से प्राप्त आवेदन पर प्रकरण कमांक 202102075000033 दर्ज करते हुए पीठासीन अधिकारी की हैसियत से छ०ग०भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 131, 132, 133, 134 के तहत उपरोक्त शासकीय भूमि में से 160 फुट लंबा एवं 32 फुट चौड़ा कुल रकबा 5120 वर्गफुट भूमि पर आवेदक के निजी भूमि तक आने जाने के लिए आम रास्ता उपयोग की अनुमति शर्तों के अधीन प्रदान की गई। किसी प्रकार के भूमि बंटन या राजस्व अभिलेख अद्यतन किए जाने संबंधी किसी भी प्रकार का आदेश पारित नहीं किया गया है जिससे शासन को राजस्व की क्षति कारित हुई हो। आम रास्ता के उपयोग हेतु अनापत्ति दिए गए भूमि पर उपरोक्त आवेदक द्वारा किसी प्रकार के शासकीय नियम/निर्देश/शर्त का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे राजस्व की क्षति कारित हो रही हो तो उसके विरूद्ध विधि अनुसार कार्यवाही किए जाने का विकल्प विद्यमान है। मेरे द्वारा किसी भी प्रकार से नियम विरूद्ध कृत्य नहीं किया गया है।
प्राप्त जवाब, संलग्न दस्तावेज एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का अवलोकन एवं परिशीलन करने से निम्नानुसार नियम / निर्देशों का उल्लंघन प्रतीत होता है
- भूमि बंटन / व्यवस्थापन के संबंध में लागू छ०ग० शासन राजस्व एंव आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र कमांक एफ-7-117/सात-1/2011 वर्ष 2011 के अनुसार सार्वजनिक मार्ग और आवेदित कालोनी/भू-खण्ड के मध्य शासकीय भूमि अथवा निजी भूमि है तो पहुंच मार्ग हेतु शासकीय भूमि का आबंटन नियमानुसार मार्ग निर्माण हेतु किया जा सकेगा इस तरह आबंटित की जाने वाली भूमि प्राईवट बिल्डर्स को शासकीय / नजूल भूमि आबंटन हेतु गठित अंर्तविभागीय समिति द्वारा प्रचलित गाईड लाईन पर आबंटित की जावेगी। भूमि आबंटन के पश्चात ही अनुज्ञा जारी किया जाना उचित होगा क्योंकि किसी भी आवासीय स्थल तक पहुंच मार्ग उपलब्ध होने से भू-खण्ड का मूल्य संवर्धन होता है।
- तत्कालीन समय में प्रचलित छ०ग० शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 4-07/सात-1/2019 दिनांक 24 फरवरी 2022 के अनुसार नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन संबंध में निर्देश जारी किये गए है। जिसके बिन्दु कमांक 1.1 अनुसार जिला स्तर पर शासकीय भूमि आबंटन अतिकमित भूमि के व्यवस्थापन के आवेदनों का परिक्षण कर जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु समिति गठित करने का प्रावधान है।
बिन्दु कमांक 1.4 (क) अनुसार कलेक्टर द्वारा ऐसी शासकीय भूमि जिसकी लोकबाधा / स्वास्थ्य / सुरक्षा/सुविधा/लोकप्रयोजन/पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सुरक्षित रखने की आवश्यकता न हो, 7500 वर्गफुट तक भूमि आबंटन तथा ऐसी अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन किया जा सकेगा का प्रावधान किया गया है। स्पष्ट है उपरोक्त निस्तारी रास्ता प्रदाय किये जाने में शासन के उक्त कंडिकाओं का उल्लंघन हुआ है।3. छ०ग०भू राजस्व संहिता 1959 की धारा-131 के प्रावधान खेतीहर को अपने खेतो पर या ग्राम की बंजर भूमि या चारागाह पर मार्गाधिकार एवं अन्य प्राईवेट सूखाचार संबंधि अधिकार प्रदान करता है न कि किसी निजी कॉलोनी के लिए अधिकार प्रदान करता है।
उपरोक्तानुसार स्पष्ट है कि तत्कालीन नायब तहसीलदार श्री शेषनारायण जायसवाल एवं अतिरिक्त तहसीलदार श्री शशिभूषण सोनी ने पद का दुरुपयोग करते हुए कालोनाईजर को शासकीय भूमि से नियम विरुद्ध रास्ता प्रदान कर शासन को राजस्व की क्षति कारित करने संबंध में की गई शिकायत सही पायी गई। उक्त कृत्य छ०ग० सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 में दिए गए प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
अतएव श्री शशिभूषण सोनी अतिरिक्त तहसीलदार बेलगहना (तत्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर) एवं श्री शेषनारायण जायसवाल तहसीलदार मरवाही जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (तत्कालीन नायब तहसीलदार बिलासपुर) को निलंबित कर संबंधितो के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित करने की अनुशंसा के साथ प्रतिवेदन सादर प्रेषित है।

