बिलासपुर शिव तिवारी

आपको बता दें कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिरगिट्टी क्षेत्र में चल रहे अवैध मार्केटिंग सेंटर में आदिवासी अंचल के लोगों को जॉब दिलाने के नाम पर18000 रूपये लेकर लाया जाता है, और उन्हें ट्रेनिंग के नाम पर एक छोटे से कमरे में लगभग 2हजार लोगो को बैठाया जाता है, जहां इनका एक टीचर आता है इन्हें क्या सिखाता है वहीं जाने इनको यस या नो कहने के लिए कहा जाता है उसके आगे इनको कुछ भी कहने के लिए मना किया जाता है,
लोगो ने बताया कि हम इनसे पूछते है आप कहा से आए है इनमें से कोई जवाब नहीं देता सीधे चलते है किसी से कोई बातचित तक नहीं करते, लोगो ने कहा भगवान जाने कैसा क्लास है, बात यही खत्म नहीं होती
फिर बताया कि जहां क्लास 5/30से 9बजे तक लगती है और जहां क्लास लगती है वहां कोई बोर्ड तक नहीं क्या क्लास पता नहीं फिर ये संस्था संचालित करने वाले लोग काटुन देते है जिसमें गैलवे कंपनी का प्रोडक्ट रहता है जिसे लेकर इन्हें गली गली घूम घूम कर बेचते है उसके बाद भी जिला प्रशाशन को नगर निगम को पता नहीं और कोई कार्यवाही नहीं,
फिर लोगो ने कहा कि जिला कलेक्टर ने ऐसे अवैध संचालन को रोकने के लिए और कार्यवाही करने के आदेश दिए उसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है,
बिलासपुर में इस मार्केटिंग सेंटर के आयोजक दो लोग है इसका ऑफिस आसरा परिसर सिरगिट्टी में बनाया गया है और क्लास शारदा मंदिर के पास संचालित होती है, नगर निगम ऐसे अवैध संचालन पर रोक नहीं लगा रही है नगर निगम ने इसके ऑफिस पर चस्पा तो चिपका दिया 3दिवस में जानकारी देने के आदेश दिया था इन्होंने गोल मटोल करके जानकारी दी थी लेकिन नगर निगम ने कभी क्लास के दौरान इस बिल्डिंग को देखने या निरीक्षण करने आया नहीं आप सोच सकते है ऐसे संचालन को स्पेशल छूट मिली है तो इनको प्रशाशन डर क्यों इसलिए मनमाने करते नजर आ रहे है
आप सोच सकते है जिस घर में क्लास लगता है वह रहने के लिए बनाया गया है वहां 100लोगो की क्षमता नहीं है वहां 2000लोगो की क्लास लगाई जाती है,
अब देखने वाली बात है इस खबर के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम ऐसे अवैध संचालन पर क्या कार्यवाही करती है कि खुली छूट देती है

