बिलासपुर अरविंद मिश्रा शिव तिवारी



सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर सिरगिट्टी क्षेत्र में इंडस्ट्रीज में बड़े-बड़े बोर हैं जिसकी जानकारी किसी विभाग को नहीं है और पानी का लेवल कम होने पर तुरंत दूसरा बोर्ड खुलवा दिया जाता है जिसकी सूचना जिला प्रशासन को नहीं दिया जाता उसके बाद भी इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है
सिरगिट्टी क्षेत्र में बड़े-बड़े इंडस्ट्रीज हैं जहां किसी में तीन-चार बोर हैं किसी में एक बोर हैं उसके बाद भी प्रशाशन की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की जाती क्यों?
जैसे ही गर्मी आता है सिरगिट्टी क्षेत्र में जल संकट छा जाता है नगर निगम के टैंकर से आम लोगों को लाइन लगा करके पानी भरना पड़ता है इसके बावजूद भी प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है जबकि प्रशासन को परमिशन आम लोगों के लिए ही नहीं इंडस्ट्रीज के लिए भी लागू करना चाहिए जिस पर आज तक कोई विचार नहीं किया गया कई इंडस्ट्रीज ऐसे हैं जहां बोर खुदवाने के बाद उसे ढक दिया जाता है जिससे प्रशासन को लगता है की एक ही बोर है लेकिन ऐसा नहीं है वहां कई बोर है
इस शासन प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करना चाहिए ताकि जिले में जल संकट ना आए और आम जनता को परेशानी यो का सामना ना करना पड़े इस पर विचार करना चाहिए और इंडस्ट्रीज क्षेत्र में अच्छी जानकार लोगो को लेकर इसकी जांच करनी चाहिए,
लोगों ने बताया कि जैसे गर्मी नजदीक आती है जल संकट अपने आप छाने लगता है जिससे लोगों को परेशानी होती है इस पर शासन प्रशासन को ध्यान देना चाहिए और आम लोगों को जल की संकट से दूर रखना चाहिए
लोगों ने यह भी बताया की नर्मदा कोलड्रिंक में कई बोर हैं उसके बाद भी कुछ दिन पहले जंगल के बगल में एक बोर खुदवा कर छोड़ दिया जहां से नर्मदा कोल्ड ड्रिंक में पाइप लाइन के द्वारा पानी आती है वहां सिक्योरिटी गार्ड भी लगा लिया गया है ताकि वहां कोई आ जा ना सके
लोगों ने यह भी बताया की नर्मदा कोलड्रिंक के द्वारा सामने जंगल को काटकर पार्किंग स्थल भी बना दिया गया नाली के ऊपर ढलाई कर दिया गया लेकिन उसके बाद भी उसके ऊपर कोई कार्यवाही तक नहीं हुई सीएसआईडीसी दोनों हाथ से आशीर्वाद दे रहे हैं नर्मदा कोल्ड ड्रिंक को कि तुम जंगल काट के पार्किंग बनाते रहो हम तुम्हारे साथ हैं आप सोच सकते हैं की किस प्रकार से सीएसआईडीसी मेहरबान है और आम लोगों को तकलीफ देने को तैयार है यह सोचने वाली बात है
अब देखने वाली बात है कि इस खबर के बाद जिला प्रशासन और सीएसआईडीसी क्या इनके ऊपर कार्रवाई करती है या फिर खुला छोड़ देती है

