मुंगेली अरविंद मिश्रा शिव तिवारी

बड़ियाडीह में स्टील उद्योग की स्थापना से
पर्यावरणीय संकट की ओर बढ़ता : मदकू द्वीप
द्वीप क्षेत्र की जैवविविधता खतरे में
सरगांव – सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुंगेली जिले के सरगांव तहसील अंतर्गत ग्राम बड़ियाडीह एवं लमती की भूमि पर मेसर्स एलएन स्टील एंड अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव क्षेत्रीय पर्यावरण एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए गंभीर खतरे की आशंका पैदा कर रहा है।
प्रस्तावित प्लांट में 4,95,000 टीपीए पेलेट प्लांट, 3,30,000 टीपीए स्पंज आयरन उत्पादन हेतु डीआरआई किल्स, 2,97,000 टीपीए हॉट बिलेट व एमएस बिलेट निर्माण हेतु इंडक्शन फर्नेस, और 3,30,000 टीपीए टीएमटी बार उत्पादन हेतु रोलिंग मिल सहित कई भारी औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 40 मेगावाट क्षमता का विद्युत उत्पादन संयंत्र भी प्रस्तावित है।
चिंता का विषय यह है कि यह औद्योगिक इकाई प्रसिद्ध पुरातात्विक एवं धार्मिक स्थल श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित की जा रही है। यह द्वीप क्षेत्र जैवविविधता, धार्मिक मान्यता, और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। पर्यावरणीय विशेषज्ञों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाला धुंआ, गैस और धूलकण सीधे द्वीप की जैवविविधता को प्रभावित कर सकते हैं।
प्लांट संचालन हेतु शिवनाथ नदी के जल का दोहन और उससे जल प्रदूषण की आशंका अत्यंत गंभीर है। भारी धातुओं और रसायनों के संपर्क में आने से नदी तंत्र का पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ सकता है।
साथ ही ध्वनि और वायु प्रदूषण से आसपास के वन्य जीवों और पक्षियों का आवास खतरे में आ सकता है।
स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर पर्यावरणीय व सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। मदकू द्वीप की शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक पहचान को बचाना पूरे छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी है।

